US प्रेसीडेंट ने किया अफगानिस्तान में चले सबसे लंबे युद्ध को खत्म करने का ऐलान, बोले- सेना की अंतिम टुकड़ी बुला रहे


अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अफगानिस्तान में सबसे लंबे चले युद्ध को समाप्त करने का ऐलान किया है. (ANI)

दो दिन पहले अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन को बताया था कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत सैन्य मौजूदगी बनाए रखेगा. राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के 100 दिनों बाद बाइडन ने कहा था कि अमेरिका अब आगे बढ़ रहा है.

वाशिंगटन. अमेरिका ने अफगानिस्तान में चले सबसे लंबे युद्ध को समाप्त करने का ऐलान कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ( US President Joe Biden) ने कहा कि ‘जैसा कि हम अमेरिका (America) के सबसे लंबे युद्ध को समाप्त करने जा रहे हैं और अफगानिस्तान (Afganistan) से हमारे सैनिकों की अंतिम टुकड़ी को वापस बुला रहे हैं. राष्ट्रपति बिडेन ने कहा कि अब अल कायदा लगभग खत्म हो चुका है, इसके बावजूद अमेरिका उन आतंकवादी समूहों (Terrorist Groups) से खतरे के बारे में सतर्क रहेगा, जो दुनिया भर के लिए कैंसर की तरह थे. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने ये बात ओसामा बिन लादेन की 10वीं बरसी के मौके पर कहीं. प्रेसीडेंट बिडेन ने कहा कि ‘हम अफगानिस्तान में किसी भी खतरे और धमकी की निगरानी करेंगे और उसे रोकने की कार्रवाई करेंगे. हम अपने देश और मातृभूमि के साथ ही दुनिया भर के सहयोगियों के साथ हमारे हितों के संरक्षण के लिए आतंकवादी खतरों का मुकाबला करते रहेंगे और ये जारी रहेगा. दो दिन पहले कहा था- अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत सैन्य मौजूदगी बनाए रखेगाअमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बता दिया है कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत सैन्य मौजूदगी बनाए रखेगा. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष के लिए नहीं बल्कि दूसरे देशों को ऐसा करने से रोकने के लिए है. राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के 100 दिनों बाद बाइडन ने कहा, अमेरिका अब आगे बढ़ रहा है. जो बाइडन ने कहा, उन्हें पिछली एक सदी में कोरोना महामारी के कारण सबसे खराब आर्थिक संकट विरासत में मिला है. लेकिन अमेरिका अब आगे बढ़ रहा है. उन्होंने अपने संबोधन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी मौजूदगी पर कहा, मैंने राष्ट्रपति जिनपिंग को बताया है कि हम प्रतिस्पर्धा का स्वागत करते हैं, लेकिन टकराव नहीं चाहते.







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